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बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को खांसी होने पर अपनाà¤à¤‚ ये घरेलू इलाज (Home Remedies for Cough in Kids)
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को खाà¤à¤¸à¥€ होना बहà¥à¤¤ ही आम बात है। पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤ƒ यह देखा जाता है कि जब à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को खांसी होती है तो माता-पिता बहà¥à¤¤ घबरा जाते हैं और तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• करते हैं। आपको घबराने की जरूरत नहीं है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि खाà¤à¤¸à¥€ कोई बीमारी नहीं है। यह शरीर में हो रही किसी और परेशानी का संकेत होती है। कà¥à¤¯à¤¾ आपको पता है कि आप आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• तरीके से à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खांसी का इलाज (Home Remedies for Cough in Kids) कर सकते हैं। कà¥à¤¯à¤¾ आप जानते हैं कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खांसी के इलाज के लिठरामबाण दवा कà¥à¤¯à¤¾ है। à¤à¤•-दो नहीं बलà¥à¤•ि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खांसी के लिठअनेक घरेलू उपाय (khasi ki dawa) हैं जिसकी सहायता से आप बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खांसी का उपचार कर सकते हैं।
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सरà¥à¤¦à¥€ और खांसी बार-बार होती है, और इसके लिठबार-बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ लेना पड़ता है। à¤à¤²à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¤¿à¤• दवाओं का अधिक सेवन करने से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के शरीर पर बà¥à¤°à¤¾ असर à¤à¥€ पड़ता है। इसलिठआप आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• तरीकों का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— कर सकते हैं। आइठजानते हैं कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खांसी के लिठघरेलू उपाय, कफ निकालने के उपाय कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ हैं। यह à¤à¥€ जानते हैं कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खांसी के इलाज (khansi ka ilaj) के लिठकिस-किस दवा का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खांसी (Cough in Children)
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम और खाà¤à¤¸à¥€ अधिक हो जाती हैं। खांसी रोगों के बारे में चेताने के लिठशरीर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ की गई à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है। शरीर में रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कम होने के कारण, तथा वायरल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ (Viral infection) के कारण शà¥à¤µà¤¾à¤¸ नलिका में सूजन आ जाती है। इससे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को खाà¤à¤¸à¥€ हो जाती है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खाà¤à¤¸à¥€ के पà¥à¤°à¤•ार (Types of Cough in Kids)
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, खांसी पाà¤à¤š तरह की होती है, जिनका नाम वातज, पितà¥à¤¤à¤œ, कफज और कà¥à¤·à¤¤à¤œ और कà¥à¤·à¤¯à¤œ खांसी है। वातज, पितà¥à¤¤à¤œ और कफज तà¥à¤°à¤¿à¤¦à¥‹à¤· से संबंधित हैं, लेकिन कà¥à¤·à¤¤à¤œ और कà¥à¤·à¤¯à¤œ किसी दूसरे कारणों से होती है। यह खांसी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खतरनाक होती हैं। इनकी पहचान à¤à¤¸à¥‡ की जा सकती हैंः-
वातज खांसी
वातज खाà¤à¤¸à¥€ में कफ बेहद कम निकल पाता है, या बिलà¥à¤•à¥à¤² नहीं निकलता। कफ निकालने की कोशिश में खाà¤à¤¸à¥€ लगातार परेशान करती है। पसलियों, पेट, छाती वगैरह में दरà¥à¤¦ होने लगता है।
पितà¥à¤¤à¤œ खांसी
पितà¥à¤¤à¤œ खाà¤à¤¸à¥€ में कफ का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ कड़वा होता है। खाà¤à¤¸à¤¤à¥‡-खाà¤à¤¸à¤¤à¥‡ उलà¥à¤Ÿà¥€ हो जाà¤, तो पीला, कड़वा पितà¥à¤¤ निकलता है। पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ लगती है। शरीर में जलन होती है।
कफज खांसी
कफज खाà¤à¤¸à¥€ में कफ ढीला होकर आसानी से निकलता रहता है। कफ का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ मीठा और मà¥à¤à¤¹ का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ फीका हो जाता है। à¤à¥‹à¤œà¤¨ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अरà¥à¤šà¤¿ हो जाती है। आलसà¥à¤¯ छाया रहता है।
कà¥à¤·à¤¤à¤œ खांसी
कà¥à¤·à¤¤à¤œ खाà¤à¤¸à¥€ अलग कारणों से पैदा होती है। यह à¤à¤¾à¤°à¥€ बोठउठाने, शरीर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अधिक ताकत लगाने, जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कà¥à¤°à¥‹à¤§ करने आदि के कारण होती है।
कà¥à¤·à¤¯à¤œ खांसी
कà¥à¤·à¤¯à¤œ खाà¤à¤¸à¥€ सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ घातक होती है। यह संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• होती है। इसमें शरीर को नà¥à¤•सान होने लगता है। यह टीबी रोग का शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ संकेत होती है। इसमें शरीर में बà¥à¤–ार और दरà¥à¤¦ रहने लगता है। शारीरिक कमजोरी बढ़ जाती है। इसके इलाज (khansi ka ilaj) में देरी ठीक नहीं होती।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को खाà¤à¤¸à¥€ होने के कारण (Causes of Cough in Kids)
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को खाà¤à¤¸à¥€ होने के अनेक कारण हो सकते हैं, लेकिन मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से दो कारण होते हैं-
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का शरीर वयसà¥à¤• लोगों की तरह आसानी से शारीरिक तापमान को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ नहीं कर पाता है। ठणà¥à¤¡ के दिनों में शरीर को गरà¥à¤® रख सके तथा गरà¥à¤® के दिनों में ठणà¥à¤¡à¤¾ नहीं रख पाता। इससे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को खांसी हो जाती है।
बचà¥à¤šà¥‡ की रोगपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पूरी तरह विकसित नहीं होती है। इस वजह से शिशॠका शरीर संकà¥à¤°à¤®à¤£ से लड़ने में सकà¥à¤·à¤® नहीं होता।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को खाà¤à¤¸à¥€ होने के अनà¥à¤¯ कारण
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में खांसी होने के ये अनà¥à¤¯ कारण हो सकते हैंः-
सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम (Cold and Cough)
अगर आपके शिशॠको सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम की वजह से खाà¤à¤¸à¥€ हो रही हो, तो बचà¥à¤šà¥‡ को बनà¥à¤¦ नाक, बहती नाक, गले में खराश, आà¤à¤–ों में पानी और बà¥à¤–ार जैसे लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ हो सकते हैं। जà¥à¤•ाम की वजह से बनने वाले अतिरिकà¥à¤¤ शà¥à¤²à¥‡à¤® को निकालने के लिठशिशॠखाà¤à¤¸à¤¤à¤¾ है।
फà¥à¤²à¥‚ (Flue)
फà¥à¤²à¥‚ के लकà¥à¤·à¤£ सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम की तरह ही लग सकते हैं। अगर आपके शिशॠको फà¥à¤²à¥‚ हो तो उसे बà¥à¤–ार, नाक बहने और दसà¥à¤¤ (डायरिया) या उलà¥à¤Ÿà¥€ जैसी परेशानियां à¤à¥€ हो सकती हैं। फà¥à¤²à¥‚ की वजह से होने वाली खाà¤à¤¸à¥€, जà¥à¤•ाम वाली खाà¤à¤¸à¥€ से अलग होती है। यह बलगम वाली खाà¤à¤¸à¥€ की बजाय सूखी खाà¤à¤¸à¥€ होती है। खाà¤à¤¸à¥€ के साथ काफी कम बलगम निकल रहा होगा।
कà¥à¤°à¥‚प (Croup)
अगर शिशॠको कà¥à¤°à¥‚प हो तो उसे वायॠमारà¥à¤— में सूजन होने की वजह से खाà¤à¤¸à¥€ होती है। शिशà¥à¤“ं का वायॠमारà¥à¤— वयसà¥à¤• की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में काफी संकरा होता है। इसलिठइसमें सूजन होने पर शिशॠके लिठसांस लेना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है। छह माह और तीन साल के बीच के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को कà¥à¤°à¥‚प होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। कà¥à¤°à¥‚प खाà¤à¤¸à¥€ में à¤à¥Œà¤‚कने जैसी आवाज निकलती है। यह अकà¥à¤¸à¤° रात में शà¥à¤°à¥‚ होती है।
काली खाà¤à¤¸à¥€ (Whooping Cough)
काली खाà¤à¤¸à¥€ को कà¥à¤› सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ पर कà¥à¤•à¥à¤•र खाà¤à¤¸à¥€ à¤à¥€ कहते हैं। काली खाà¤à¤¸à¥€(कà¥à¤•à¥à¤•र खाà¤à¤¸à¥€) à¤à¤• जीवाणà¥à¤µà¤¿à¤• इनफेकà¥à¤¶à¤¨ (बैकà¥à¤Ÿà¤¿à¤°à¤¿à¤¯à¤² इंफेकà¥à¤¶à¤¨) है। यह काफी संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• होती है। काली खाà¤à¤¸à¥€ में खांसी बहà¥à¤¤ अधिक और सूखी होती है। इसमें बहà¥à¤¤ सारा शà¥à¤²à¥‡à¤® निकलता है। खाà¤à¤¸à¤¤à¥‡ समय सांस लेते हà¥à¤ उचà¥à¤š सà¥à¤µà¤° या धà¥à¤µà¤¨à¤¿ (Whoop Sound) निकलती है। वासà¥à¤¤à¤µ में यह गमà¥à¤à¥€à¤° बीमारी है, इसलिठइससे बचाव का टीका à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को जनà¥à¤® के बाद लगा दिया जाता है। इसके बाद à¤à¥€ अकà¥à¤¸à¤° बचà¥à¤šà¥‡ इसकी चपेट में आ जाते हैं।
दमा (Asthma)
शिशॠको दमा की वजह से à¤à¥€ खाà¤à¤¸à¥€ हो सकती है। असà¥à¤¥à¤®à¤¾ से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ शिशॠकी सांस लेते व छोड़ते समय सांसें फूलती हैं। उनकी छाती à¤à¥€ कस जाती है, और सांस की कमी होने लगती है।
तपेदिक (Tuberculosis)
लगातार रहने वाली खांसी टी.बी. का लकà¥à¤·à¤£ हो सकती है। टी.बी. की खांसी दो सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहती है। टी.बी. से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ शिशॠकी खाà¤à¤¸à¥€ में खून आ सकता है। सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। à¤à¥‚ख कम लगती है। शिशॠको बà¥à¤–ार à¤à¥€ हो सकता है।
पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण (Pollution)
कई बार हवा में फैले हà¥à¤ धà¥à¤à¤, केमिकलà¥à¤¸ या पेंट इतना अधिक पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण कर देते हैं कि इससे छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के गले में परेशानी शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खाà¤à¤¸à¥€ के लकà¥à¤·à¤£
ये बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खांसी के लकà¥à¤·à¤£ होते हैंः-
सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम के चलते खाà¤à¤¸à¥€ और बलगम हो सकता है। इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में बचà¥à¤šà¥‡ को रात में अधिक परेशानी होती है।
असà¥à¤¥à¤®à¤¾ के कारण होने वाली खाà¤à¤¸à¥€ में बचà¥à¤šà¥‡ को घरघराहट और साà¤à¤¸ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
बचà¥à¤šà¥‡ को खराश यà¥à¤•à¥à¤¤ खाà¤à¤¸à¥€ होती है तो यह लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤°à¥‚प खाà¤à¤¸à¥€ की हो सकती है।
कई बार बचà¥à¤šà¥‡ को खाà¤à¤¸à¤¤à¥‡-खाà¤à¤¸à¤¤à¥‡ ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ की कमी हो जाती है।
यदि खाà¤à¤¸à¥€ और सांस दोनों की परेशानी हो रही है तो ये बà¥à¤°à¥‹à¤‚कोलाइटिस के लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं।
अगर बचà¥à¤šà¥‡ को खाà¤à¤¸à¥€ दो तीन हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहती है तो यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ गमà¥à¤à¥€à¤° हो सकती है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खाà¤à¤¸à¥€ के लिठघरेलू उपाय
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को खांसी हो तो आप इन दवाओं से ठीक कर सकते हैंः-
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खांसी के इलाज की रामबाण दवा अंगूर
आप खांसी की दवा (khasi ki dawa) के रूप में अंगूर का सेवन करा सकते हैं। कफ निकालने के लिठअंगूर पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से काम करता है। ये फेफड़ों से कफ निकाल देता है। इसके रस में शहद मिलाà¤à¤‚। इस रस को बचà¥à¤šà¥‡ को सोने से पहले थोड़ा-सा पिलाà¤à¤à¥¤
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खांसी के इलाज की रामबाण दवा शहद और नीमà¥à¤¬à¥‚
शहद बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की सरà¥à¤¦à¥€ का देसी इलाज है। इसमें बहà¥à¤¤ सारे गà¥à¤£ होते हैं। 1 चमà¥à¤®à¤š नींबू के रस में 2 से 3 चमà¥à¤®à¤š शहद मिलाà¤à¤‚। हर 2 घणà¥à¤Ÿà¥‡ के बाद बचà¥à¤šà¥‡ को यह मिशà¥à¤°à¤£ पिलाते रहें। यह खांसी की बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¥€ दवा है।
इसके साथ ही à¤à¤• गिलास, या à¤à¤• कप गरà¥à¤® दूध में 1 से 2 चमà¥à¤®à¤š शहद मिलाकर à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को दे सकते हैं। दोनों ही उपाय रामबाण उपचार करते हैं। यह छोटा सा पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— सरà¥à¤¦à¥€ और खाà¤à¤¸à¥€ दोनों में लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• होता है।
और पढ़ेंः शहद के औषधीय गà¥à¤£
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खांसी के इलाज की रामबाण दवा नींबू (
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खांसी के इलाज के लिठघरेलू उपाय के रूप में नींबू का उपयोग लाठपहà¥à¤‚चाता है। विटामिन-सी से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होने के कारण नीमà¥à¤¬à¥‚ शरीर की इमà¥à¤¯à¥‚निटी बढ़ाने में à¤à¥€ सहायक है। नीमà¥à¤¬à¥‚ के रस में थोड़ा-सा शहद और बहà¥à¤¤ सारा पानी मिला लें। अगर à¤à¤• वरà¥à¤· से ऊपर के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पिलाया जाये तो उससे छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सरà¥à¤¦à¥€- खाà¤à¤¸à¥€ में बहà¥à¤¤ आराम मिलता है।
और पढ़ेंः नींबू के अनेक फायदे
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खांसी के इलाज की रामबाण दवा लहसà¥à¤¨ और शहद
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की सरà¥à¤¦à¥€ होने पर à¤à¤• लहसà¥à¤¨ की छोटी कली को बारीक पीस लें। इसमें हलà¥à¤•ा-सा शहद मिलाकर बचà¥à¤šà¥‡ को चटवायें (khasi ki dawa)। यह दिन में 2-3 बार करें। यह पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— सà¥à¤¬à¤¹ उठने के बाद, दोपहर तथा रात को सोने से पहले करें। खांसी की इस दवा से बहà¥à¤¤ लाठहोता है।
Garlic with honey
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खांसी के इलाज की रामबाण दवा अदरक
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खांसी के घरेलू इलाज के लिठअदरक का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² à¤à¥€ किया जाता है। à¤à¤• कप पानी में अदरक के टà¥à¤•ड़ों को डालकर उबालें। आधा पानी होने के बाद उबालकर छान लें। इसमें à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š शहद डालकर बचà¥à¤šà¥‡ को पिलाà¤à¤à¥¤
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खांसी के इलाज की रामबाण दवा तà¥à¤²à¤¸à¥€ (Tulsi: Home Remedy for Cough in Kids in Hindi)
खांसी की दवा के रूप में तà¥à¤²à¤¸à¥€ का बहà¥à¤¤ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। तà¥à¤²à¤¸à¥€ के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का रस निकाल कर बचà¥à¤šà¥‡ को पिलाà¤à¤à¥¤ इससे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खांसी ठीक (khansi ka ilaj) होती है। यह बहà¥à¤¤ कारगर उपाय है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खांसी के इलाज की रामबाण दवा à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ (Aloe Vera: Home Remedies for Cough in Children’s in Hindi)
बड़ों की खाà¤à¤¸à¥€ हो या बचà¥à¤šà¥‡ की खाà¤à¤¸à¥€à¥¤ सà¤à¥€ में à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ का रस और शहद का मिशà¥à¤°à¤£ काफी असरदार का करता है। यह खांसी की बहà¥à¤¤ लाà¤à¤•ारी दवा (khasi ki dawa) है।
Aloe vera with honey
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खांसी और बà¥à¤–ार के इलाज की रामबाण दवा सेब का सिरका (Apple Vinegar: Home Remedy for Cough and Fever in Kids in Hindi)
आप बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खांसी के इलाज के लिठसेब के सिरके से घरेलू उपाय कर सकते हैं। सेवा का सिरका खांसी की बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¥€ दवा (khasi ki dawa) है। à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¤¾ कचà¥à¤šà¤¾, बिना छाना हà¥à¤† सेब का सिरका, और दो हिसà¥à¤¸à¥‡ ठणà¥à¤¡à¤¾ पानी मिलाकर दो पटà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤ à¤à¤¿à¤—ोयें। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ निचोड़कर à¤à¤• को माथे पर और à¤à¤• को पेट पर रखें। दस-दस मिनट के बाद पटà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ बदलते रहें। इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को बà¥à¤–ार कम होने तक दोहरायें।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खांसी के इलाज के लिठअनà¥à¤¯ रामबाण दवा (Other Home Remedies for Cough and Cold in Children in Hindi)
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खांसी के घरेलू उपाय के रूप में आà¤à¤µà¤²à¥‡ के चूरà¥à¤£ को गà¥à¤¡à¤¼ में मिलाकर खाà¤à¤à¥¤
गाजर के रस में पालक रस मिलाकर सेवन करेंं। इससे खून में लालिमा आती है, और अनà¥à¤¯ दूषित पदारà¥à¤¥ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¹à¥€à¤¨ (khasi ki dawa) हो जाते हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खांसी के घरेलू उपाय के रूप में मूली और गनà¥à¤¨à¥‡ का रस मिलाकर पिà¤à¤‚। इससे पीलिया नषà¥à¤Ÿ हो जाà¤à¤—ा।
बादाम-6, छोटी इलायची-3, छà¥à¤†à¤°à¤¾-2 लें। इन दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को रात में मिटà¥à¤Ÿà¥€ के कà¥à¤²à¥à¤¹à¤¡à¤¼ में à¤à¤¿à¤—ो दें। इसे पीस कर मिशà¥à¤°à¥€ और मकà¥à¤–न के साथ चाटें।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को खाà¤à¤¸à¥€ होने पर खान-पान (Children’s Diet in Cough and Cold Disease)
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खांसी के घरेलू उपाय के दौरान खान-पान à¤à¤¸à¤¾ होना चाहिà¤à¤ƒ-
शिशॠको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ तरल पदारà¥à¤¥ दें।
अगर आपका शिशॠछह माह से छोटा है, तो उसे परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराà¤à¤‚। इससे खाà¤à¤¸à¥€ ठीक (khansi ka ilaj) होगी। इससे शिशॠको गले की खराश से à¤à¥€ राहत मिलेगी।
अगर शिशॠकी उमà¥à¤° छह महीने से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है, तो उसे परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पानी और अनà¥à¤¯ पेय दें।
à¤à¤• साल से अधिक उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‡ को शहद दें।
बचà¥à¤šà¥‡ की उमà¥à¤° à¤à¤• और पाà¤à¤š साल के बीच है, तो उसे रोजाना आधी छोटी चमà¥à¤®à¤š शहद दें।
यदि आपका बचà¥à¤šà¤¾ 6 से 11 साल की उमà¥à¤° का है, तो उसे à¤à¤• छोटी चमà¥à¤®à¤š शहद दें।
यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि शहद के सेवन के बाद बचà¥à¤šà¥‡ अपने दाà¤à¤¤ जरूर साफ कर लें।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को खाà¤à¤¸à¥€ होने पर जीवनशैली (Children’s Lifestyle in Cold and Cough Disease)
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खांसी के घरेलू उपाय के दौरान जीवनशैली à¤à¤¸à¥€ होनी चाहिà¤à¤ƒ-
शिशॠको à¤à¤¾à¤ªà¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ कमरे में रखें।
गदà¥à¤¦à¥‡ का सिराहना ऊà¤à¤šà¤¾ उठा दें। कई बार खांसी की वजह से शिशॠको रात à¤à¤° नींद नहीं आती। गदà¥à¤¦à¥‡ का सिराहना ऊà¤à¤šà¤¾ उठा देने से शिशॠको सांस लेने में आसानी रहेगी। सिराहने की तरफ गदà¥à¤¦à¥‡ के नीचे कà¥à¤› तौलिये या तकिया रख दें। इससे थोड़ी ढलान-सी बन जाà¤à¤—ी।
बचà¥à¤šà¥‡ को मौसम के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° कपड़े पहनाà¤à¤à¥¤ उसे गरà¥à¤® रखने के लिठà¤à¤• के ऊपर à¤à¤• कपड़े पहनाà¤à¤à¥¤ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का शरीर बड़ों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में अपना तापमान नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में सकà¥à¤·à¤® नहीं होता है। इसलिठबचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को बड़ों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में à¤à¤• लेयर à¤à¤•à¥à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾ कपड़े पहनने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। इससे बचà¥à¤šà¥‡ ठणà¥à¤¡ से बचे रहेंगे।
बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤¸à¥€ टोपी पहना कर रखें, जिससे उसके कानों में ठणà¥à¤¡à¥€ हवा ना घà¥à¤¸à¥‡à¥¤ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखने वाली बात यह है कि बचà¥à¤šà¥‡ नहीं बता पाते हैं कि ठणà¥à¤¡ की वजह से उनके कानों में बहà¥à¤¤ दरà¥à¤¦ होता है।
बचà¥à¤šà¥‡ को संकà¥à¤°à¤®à¤£ से बचाने के लिये अपना और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का हाथ साफ रखें।
बचà¥à¤šà¥‡ को कà¥à¤› खिलाने से पहले हैणà¥à¤¡ वॉश करें।
बचà¥à¤šà¥‡ को खाà¤à¤¸à¥€ होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से कब समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• करें ? (When to Contact Doctor in Children’s Cough and Cold Disease)
यदि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खांसी के लिठऊपर दी गई दवाओं (khasi ki dawai) से आराम नहीं मिलता है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• करना चाहिà¤à¤ƒ-
आपके शिशॠकी खाà¤à¤¸à¥€ दो हफà¥à¤¤à¥‡ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहे।
शिशॠकी खाà¤à¤¸à¥€ में हरा, पीला, à¤à¥‚रा या खून की धबà¥à¤¬à¥‡ वाला शà¥à¤²à¥‡à¤® (बलगम) आà¤à¥¤
आपका शिशॠबहà¥à¤¤ तेजी से या छोटी-छोटी सांसे ले रहा है, और उसका सांस à¤à¥€ फूल रहा है।
आपके शिशॠकी अतà¥à¤¯à¤¨à¥à¤¤ तेज, सूखी खाà¤à¤¸à¥€ हो रहा हो, या खाà¤à¤¸à¤¤à¥‡ समय सांस लेने के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ में उचà¥à¤š धà¥à¤µà¤¨à¤¿ निकलती हो।
शिशॠका वजन घट रहा हो, और à¤à¥‚ख कम हो गई हो।
होठों और नाखूनों का रंग नीला पड़ चà¥à¤•ा है।
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